उदयपुर में उफना छात्र आंदोलन: नेम प्लेट पर काली स्याही पोतने की कोशिश, नेता हिरासत में

उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुनीता मिश्रा द्वारा औरंगजेब को “कुशल शासक” बताए जाने के बयान से उपजे विवाद ने अब उग्र रूप ले लिया है। शुक्रवार को छात्र संगठनों ने कुलपति के आवास तक पहुँचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान गेट पर लगी नेम प्लेट पर काली स्याही पोतने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छात्रों को खदेड़ दिया।

घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने चार छात्र नेताओं — देवेन्द्र सिंह, समीर मेघवाल, नारायण सिंह और मयंक सिंह को हिरासत में लिया। हालांकि गिरफ्तारी के बावजूद छात्र संगठनों का आक्रोश कम नहीं हुआ और उन्होंने प्रशासनिक भवन तक रैली निकाली। इस रैली में छात्र महाराणा प्रताप के मुखौटे पहनकर शामिल हुए और नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक कुलपति को पद से नहीं हटाया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय परिसर में सभी कॉलेजों को बंद करा दिया। आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स और लॉ कॉलेज में शुक्रवार को ताले जड़े रहे। NSUI से जुड़े छात्र मुख्य द्वार पर भूख हड़ताल पर बैठे रहे, जबकि ABVP ने चेतावनी दी कि कुलपति की बर्खास्तगी तक संघर्ष तेज किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कुलपति ने अपने विवादित बयान को लेकर बाद में बिना शर्त माफी मांग ली थी, लेकिन छात्रों ने इसे पर्याप्त नहीं माना। उनका कहना है कि यह मुद्दा केवल बयान का नहीं बल्कि मेवाड़ की अस्मिता और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा है। छात्र नेताओं का आरोप है कि कुलपति ने महाराणा प्रताप जैसे शौर्य और बलिदान के प्रतीक की तुलना औरंगजेब जैसे शासक से कर दी, जो अस्वीकार्य है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला पुलिस के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बन गया है। इधर, राजनीतिक हलकों में भी इस विवाद ने गर्माहट पैदा कर दी है। कई जनप्रतिनिधियों ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है और कुलपति को पद से हटाने की मांग उठाई है।

फिलहाल, हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। छात्र संगठनों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, विरोध-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *