छिंदवाड़ा में 11 बच्चों की मौत, राजस्थान में तीसरी मौत; मंत्री बोले – ‘दवा वजह नहीं’
नई दिल्ली/भोपाल/चेन्नई/तिरुवनंतपुरम।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बच्चों की संदिग्ध मौतों के बाद कोल्ड्रिफ (Coldrif) कफ सिरप पर देशभर में हड़कंप मच गया है। तमिलनाडु और मध्य प्रदेश के बाद अब केरल सरकार ने भी इस सिरप की बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। वहीं राजस्थान में तीसरी बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच तेज कर दी है।
मामले की शुरुआत छिंदवाड़ा से
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बीते दिनों 11 बच्चों की मौत हुई थी। परिजनों का आरोप है कि बच्चों को खांसी-जुकाम की शिकायत पर डॉक्टर ने ‘Coldrif’ कफ सिरप दिया था, जिसके सेवन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई।
जांच में किडनी फेल्योर के लक्षण पाए गए और कई बच्चों में डायथिलीन ग्लाइकोल (Diethylene Glycol, DEG) के प्रभाव की आशंका जताई गई। यह वही केमिकल है जो पहले भी गैंबिया और उज्बेकिस्तान में बच्चों की मौत के मामलों में पाया गया था।
तमिलनाडु और केरल ने लगाई रोक
तमिलनाडु ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने सबसे पहले Coldrif सिरप की बिक्री पर राज्यस्तरीय प्रतिबंध लगाया। इसके बाद अब केरल सरकार ने भी एहतियात के तौर पर इसकी बिक्री और वितरण पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है।
केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने कहा कि भले ही राज्य में इस संदिग्ध बैच की सप्लाई नहीं हुई थी, फिर भी बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
राज्य के ड्रग कंट्रोल विभाग ने सभी मेडिकल स्टोर्स को निर्देश जारी किए हैं कि जब तक जांच रिपोर्ट स्पष्ट न हो जाए, तब तक Coldrif सिरप की बिक्री या स्टॉकिंग न की जाए।
राजस्थान में तीसरी मौत, मंत्री का बयान
राजस्थान के भरतपुर और सीकर जिलों में भी तीन बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है। राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि,
“प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार मौतों का कारण सिरप नहीं है। जिन बच्चों की मौत हुई, वे पहले से बीमार थे और जांच में सिरप के सैंपल मानक पाए गए हैं।”
हालांकि विभाग ने एहतियाती रूप से सिरप के सभी नमूने जांच के लिए लैब भेजे हैं।
केंद्र सरकार की चेतावनी
इस बीच केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी तरह का कफ सिरप न दिया जाए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बच्चों के लिए कफ सिरप का अत्यधिक या अनुचित उपयोग खतरनाक हो सकता है, विशेषकर तब जब उसमें DEG जैसे रसायन की संभावना हो।
क्या है डायथिलीन ग्लाइकोल (DEG)?
डायथिलीन ग्लाइकोल एक जहरीला औद्योगिक रसायन है, जिसका उपयोग एंटीफ्रीज़ या औद्योगिक सॉल्वेंट के रूप में किया जाता है। अगर यह गलती से दवाओं में मिल जाए, तो यह किडनी फेल्योर, उल्टी, बेहोशी और मृत्यु तक का कारण बन सकता है।
अब तक की स्थिति
| राज्य | मौतें | कार्रवाई |
|---|---|---|
| मध्य प्रदेश (छिंदवाड़ा) | 11 | जांच जारी, Coldrif पर रोक |
| राजस्थान (भरतपुर/सीकर) | 3 | नमूने जांच के लिए भेजे गए |
| तमिलनाडु | 0 | Coldrif पर पूर्ण प्रतिबंध |
| केरल | 0 | बिक्री और वितरण पर रोक |
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी तरह का ओवर-द-काउंटर कफ सिरप न दें।
बच्चों में खांसी-जुकाम के लिए घरेलू उपाय या डॉक्टर की सलाह लेना ही सुरक्षित है।
निष्कर्ष
Coldrif कफ सिरप से जुड़ी मौतों ने एक बार फिर देश की दवा निर्माण और गुणवत्ता निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। अब पूरा देश इस बात की प्रतीक्षा कर रहा है कि लैब रिपोर्ट में क्या सामने आता है — क्या सच में सिरप में जहरीला तत्व मिला था या फिर ये मौतें किसी और कारण से हुईं।
