नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों के बीच विपक्षी महागठबंधन (INDIA गठबंधन) में सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। बिहार में राजद और कांग्रेस के बीच मतभेद की खबरों के बीच मंगलवार को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने दिल्ली में लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की।
सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात लगभग एक घंटे चली, जिसमें सीट शेयरिंग और गठबंधन की रणनीति को लेकर लंबी चर्चा हुई। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि, “हम सब एकजुट हैं। कुछ मुद्दों पर बातचीत चल रही है, कल एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें सब कुछ साफ हो जाएगा।”
सीट बंटवारे पर नहीं बन पा रही सहमति
बिहार में 40 लोकसभा सीटों के बंटवारे को लेकर राजद और कांग्रेस के बीच असहमति की स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस अधिक सीटों की मांग कर रही है, जबकि राजद अपने प्रभाव वाले इलाकों में समझौते के मूड में नहीं दिख रहा। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस ने कम से कम 9 से 10 सीटों की मांग रखी है, जबकि राजद 6 से ज्यादा देने के पक्ष में नहीं है।
गहलोत बने मध्यस्थ
कांग्रेस आलाकमान ने अशोक गहलोत को इस विवाद को सुलझाने का जिम्मा दिया है। गहलोत ने लालू और तेजस्वी से मुलाकात के बाद कहा कि महागठबंधन में कोई मतभेद नहीं है, सिर्फ “सीटों पर रणनीतिक बातचीत” चल रही है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य बीजेपी को हराना है, और इसके लिए सभी दल मिलकर काम करेंगे।”
लालू बोले – साथ मिलकर देंगे बीजेपी को जवाब
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी मुलाकात के बाद संकेत दिया कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। उन्होंने कहा, “हम लोग साथ हैं, महागठबंधन टूटने का सवाल ही नहीं है। सीटें बाद में भी तय की जा सकती हैं, पहले देश को बचाना जरूरी है।”
तेजस्वी ने भी जताई एकजुटता की बात
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष के अंदर बातचीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। “हम सबका मकसद एक है — केंद्र की भाजपा सरकार को हटाना। बिहार से एक मजबूत संदेश जाएगा,” तेजस्वी ने कहा।
कल होगी बड़ी घोषणा
अशोक गहलोत ने मीडिया को बताया कि बुधवार को दिल्ली में महागठबंधन की एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें सीट बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला और साझा रणनीति का ऐलान किया जा सकता है। माना जा रहा है कि इस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव समेत कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे।
राजनीतिक मायने
विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार में विपक्षी एकता का बना रहना बेहद अहम है, क्योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को यहां से भारी बढ़त मिली थी। यदि राजद-कांग्रेस-लेफ्ट एकजुट होकर मैदान में उतरते हैं, तो मुकाबला रोचक हो सकता है।
