पटना / वाराणसी / दिल्ली | आस्था, संयम और श्रद्धा का पर्व छठ महापर्व आज सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हुआ।
भोर की लालिमा में जब सूर्यदेव ने अपनी पहली किरण धरती पर बिखेरी, तो घाटों पर खड़ी लाखों व्रतिन महिलाओं ने folded hands से सूर्य को नमन किया —
चार दिन की कठोर तपस्या पूरी हुई, और वातावरण “छठ मइया के जयकारों” से गूंज उठा।
भोर से पहले ही जागे घाट, गूंजे पारंपरिक गीत
सुबह चार बजे से ही नदियों और तालाबों के किनारे भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
महिलाओं ने सूप में फल, ठेकुआ, गन्ना, और दीप सजाकर सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित किया।
पारंपरिक गीतों और डोलक की थाप ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया —
“उग हे सूरज देव, अरघिया के बेर…” जैसे गीतों से घाट गूंजते रहे।

चार दिन की साधना का हुआ समापन
छठ पूजा की शुरुआत नहाय-खाय से हुई थी, फिर खरना और सांझ अर्घ्य के बाद आज उगते सूर्य को अर्घ्य देकर यह पर्व पूर्ण हुआ।
व्रतिन महिलाओं ने 36 घंटे का निर्जला व्रत रखकर परिवार की खुशहाली और संतान की दीर्घायु की कामना की।
हर घर में व्रतिनों के प्रति श्रद्धा और सेवा का माहौल रहा।
देश-विदेश में गूंजा छठ महोत्सव
पटना, दिल्ली, लखनऊ, बनारस, मुंबई, रांची, कोलकाता समेत पूरे उत्तर भारत में नदियों और घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
विदेशों में भी छठ का उत्सव उसी उल्लास से मनाया गया —
न्यूयॉर्क, दुबई, लंदन और काठमांडू में प्रवासी भारतीयों ने पारंपरिक रीति से पूजा की और जलाशयों पर अर्घ्य अर्पित किया।
सोशल मीडिया पर #ChhathPuja2025 और #UgteSuryaKoArghya ट्रेंड करता रहा।
लोगों ने sunrise की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा — “जय छठ मइया, हमारी मन्नतें पूरी हों।”
सुरक्षा और स्वच्छता के रहे पुख्ता इंतज़ाम
प्रशासन की ओर से घाटों पर सुरक्षा, रोशनी और सफाई के विशेष प्रबंध किए गए थे।
पुलिस, एनडीआरएफ, और मेडिकल टीमें तैनात रहीं।
कई शहरों में कृत्रिम तालाब भी बनाए गए ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
धार्मिक ही नहीं, पर्यावरणीय संदेश भी
छठ सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के गहरे संबंध का प्रतीक है।
इसमें सूर्य की उपासना, जल का सम्मान और शुद्धता पर जोर दिया जाता है।
वैज्ञानिक दृष्टि से भी यह समय ऐसा होता है जब सूर्य की ऊर्जा शरीर को संतुलित करती है और मानसिक शांति देती है।
देशभर से आईं शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, और कई राज्यों के नेताओं ने ट्वीट कर देशवासियों को छठ की बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने लिखा —
“छठ महापर्व सूर्य उपासना, स्वच्छता और सामाजिक एकता का प्रतीक है। सभी देशवासियों को इस पावन अवसर की हार्दिक शुभकामनाएं।”
