नई दिल्ली / विशाखापट्टनम / भुवनेश्वर | बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में बना चक्रवात “मोन्था” अब भीषण चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) में बदल गया है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह तूफान सोमवार देर रात या मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा तट से टकराएगा।
टकराव के समय हवाओं की रफ्तार 120 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है और समुद्र में 5 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की संभावना है।

तूफान की मौजूदा स्थिति
IMD के ताज़ा बुलेटिन के मुताबिक —
चक्रवात “मोन्था” फिलहाल मछलीपट्टनम से करीब 180 किमी दक्षिण-पूर्व, काकीनाड़ा से 240 किमी दक्षिण-पूर्व, और विशाखापट्टनम से लगभग 350 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व में केंद्रित है।
यह उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और धीरे-धीरे तटीय इलाकों की ओर बढ़ते हुए आज देर रात तक ज़मीन से टकरा सकता है।
चार राज्यों में हाई अलर्ट
आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।
तटीय इलाकों से अब तक 50,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
NDRF और SDRF की 30 से ज्यादा टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए तैनात की गई हैं।
राज्य सरकारों ने स्कूल-कॉलेज बंद रखने और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी है।
समुद्र में उठेंगी ऊंची लहरें, तटीय क्षेत्रों में खतरा बढ़ा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि समुद्र में लहरों की ऊंचाई 4 से 5 मीटर तक पहुंच सकती है।
कई तटीय जिलों में समुद्र का पानी निचले इलाकों में घुसने की आशंका है।
काकीनाड़ा, अमलापुरम, नरसापुरम, और विशाखापट्टनम के बंदरगाहों पर रेड अलर्ट जारी किया गया है।
मछली पकड़ने वाली नावों को सुरक्षित किनारे लाने के निर्देश दिए गए हैं।
भारी बारिश की संभावना
IMD के मुताबिक, तूफान के असर से
- आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई जिलों में बहुत भारी बारिश (204 mm तक) हो सकती है।
- पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भी अगले 48 घंटों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
- तटीय हवाएं कई जगहों पर पेड़ों और बिजली के खंभों को गिरा सकती हैं, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
सरकार और प्रशासन की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से बात कर हालात की समीक्षा की।
मोदी ने सभी एजेंसियों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
रेलवे ने भी कई ट्रेनों के रूट बदले हैं और कुछ सेवाएं रद्द की गई हैं।
बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं।
सावधानी के निर्देश
IMD ने लोगों को सलाह दी है —
- तटीय इलाकों में रहने वाले लोग ऊंचे स्थानों पर चले जाएं।
- मछुआरे अगले तीन दिनों तक समुद्र में न जाएं।
- बिजली के खंभों, पेड़ों या पुराने ढांचों के पास न खड़े हों।
- प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
🗣️ IMD का बयान:
“मोन्था” अगले 12 घंटे में और तेज़ हो सकता है।
इसके कारण तटीय आंध्र प्रदेश में समुद्र के जलस्तर में 4 से 5 मीटर तक वृद्धि और कुछ निचले क्षेत्रों में जलभराव की संभावना है।
