नोएडा |
Nithari: निठारी कांड के मुख्य आरोपी रहे मोनिंदर सिंह पंढेर, जिन्हें 16 मर्डर केस से अदालत ने बरी किया है, उन्होंने जेल से बाहर आने के बाद अपना पहला इंटरव्यू दिया है। इस इंटरव्यू में पंढेर ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी कोठी में कॉलगर्ल्स को बुलाया था, लेकिन उन्हें यह पता नहीं चला कि उनके घर में बच्चों की लाशें पड़ी हुई थीं।
पंढेर ने कहा, “मैंने कभी किसी की हत्या नहीं की। हां, कॉलगर्ल्स मेरे घर आती थीं, यह सच है, लेकिन बच्चों की लाशों के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं थी। जब पुलिस ने बताया कि मेरे घर के पीछे गड्ढों में बच्चों के अवशेष मिले हैं, तब मैं खुद हैरान रह गया।”
16 मर्डर केस से बरी, लेकिन सवाल कायम
2005 से 2006 के बीच नोएडा के निठारी गांव से कई बच्चों के गायब होने और हत्या की खबरें आई थीं। पुलिस ने इस मामले में मोनिंदर सिंह पंढेर और उनके नौकर सुरेंद्र कोली को आरोपी बनाया था। बाद में जांच में यह सामने आया कि कोली ही बच्चों को घर में लाकर हत्या करता था।
अदालत ने सबूतों की कमी के कारण पंढेर को 16 मामलों में बरी कर दिया। हालांकि कोली पर कुछ मामलों में सजा बरकरार है।
पंढेर ने कहा, “मैंने 18 साल जेल में काटे हैं। मेरी जिंदगी खत्म हो चुकी है। लेकिन भगवान की दया से सच आखिर सामने आया। लोग मुझे हैवान समझते रहे, जबकि मैं खुद इन घटनाओं से अनजान था।”
‘कोली क्या करता था, मुझे पता नहीं था’
पंढेर ने बताया कि सुरेंद्र कोली उसके घर का नौकर था और वह अक्सर निचले हिस्से में रहता था। “वो क्या करता था, मुझे नहीं पता। मैं अपने बिजनेस और पार्टी के काम में व्यस्त रहता था। जब केस खुला तो मैं भी उतना ही चौंक गया जितना देश के लोग।”
उन्होंने कहा कि पुलिस ने शुरुआती जांच में उन पर दबाव डालने की कोशिश की, जिससे झूठे बयानों की कहानी गढ़ी गई। “अगर मैंने कुछ गलत किया होता, तो मुझे भगवान भी माफ नहीं करते,” पंढेर ने कहा।
निठारी कांड की गूंज आज भी
निठारी कांड को देश के सबसे भयावह अपराधों में से एक माना जाता है। नोएडा सेक्टर 31 के निठारी गांव में बच्चों के गायब होने और उनके अवशेष मिलने से पूरे देश में सनसनी मच गई थी।
कई परिवार आज भी अपने बच्चों की याद में इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठे हैं। हालांकि कोर्ट के फैसले के बाद अब कानूनी लड़ाई लगभग खत्म होती दिख रही है।
‘अब बस शांति चाहता हूं’
इंटरव्यू के अंत में पंढेर ने कहा, “मैंने बहुत कुछ खोया। समाज ने मुझे राक्षस कहा, जबकि मैं खुद बेकसूर था। अब मैं बस अपने परिवार के साथ शांति से रहना चाहता हूं।”
