Delhi Blast: कार में मौजूद डॉ. उमर का DNA मैच, स्टेयरिंग व्हील और एक्सीलेटर के बीच फंसा मिला पैर

दिल्ली :

Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच टीम को बड़ी सफलता मिली है। फॉरेंसिक जांच में कार के अंदर से मिला पैर का DNA डॉ. उमर से मैच हो गया है। यह पुष्टि करती है कि धमाके के वक्त डॉ. उमर ही कार के अंदर मौजूद थे। पुलिस के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि कार के आगे का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया, वहीं स्टेयरिंग व्हील और एक्सीलेटर के बीच फंसा पैर बरामद किया गया था।

CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग

जांच एजेंसियों को धमाके से कुछ ही सेकंड पहले का सबसे क्लोज और हाई-क्वालिटी CCTV फुटेज मिला है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक सिल्वर रंग की कार सड़क के किनारे रुकती है और कुछ ही पलों में तेज धमाका होता है।
फुटेज में धमाके की लपटें और आसपास की गाड़ियों के शीशे टूटते नजर आते हैं। पुलिस ने फुटेज को फ्रेम दर फ्रेम एनालाइज किया है और इसमें किसी बाहरी व्यक्ति के कार के पास आने या निकलने के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

ATS और NIA की टीमों की जांच जारी

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ-साथ NIA और ATS की टीमें भी इस केस में जुड़ गई हैं। कार के पार्ट्स और आसपास के इलाके से मिले सैंपल्स को CFSL लैब भेजा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, विस्फोटक पदार्थ के रूप में RDX या PETN जैसे हाई-इंटेंसिटी मटेरियल के इस्तेमाल की संभावना जताई जा रही है।

DNA रिपोर्ट से खुला राज

फॉरेंसिक टीम ने कार के अवशेषों से निकले ऊतक (टिश्यू सैंपल) की तुलना डॉ. उमर के परिवार से लिए गए DNA सैंपल से की। रिपोर्ट में 100% मैच की पुष्टि हुई है।
जांचकर्ताओं का कहना है कि यह परिणाम केस की दिशा तय करेगा क्योंकि अब यह साफ है कि डॉ. उमर न सिर्फ कार में मौजूद थे, बल्कि संभवतः वही ड्राइवर भी थे।

क्या है अगला कदम

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमाका सुसाइड ब्लास्ट था या रिमोट-ट्रिगर्ड। कार के इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, ब्लास्ट पैटर्न और मोबाइल नेटवर्क डेटा की भी जांच की जा रही है।
आने वाले कुछ दिनों में जांच एजेंसियां धमाके की मोटिव और नेटवर्क लिंकिंग को लेकर बड़ा खुलासा कर सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *