Delhi–Mumbai Expressway Accident: रतलाम में बड़ा सड़क हादसा, बेकाबू कार गहरी खाई में गिरी

रतलाम ।

Delhi–Mumbai Expressway Accident: दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। सुबह लगभग 7:30 बजे एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर एक्सप्रेसवे की रेलिंग तोड़ते हुए लगभग 60 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें एक 15 वर्षीय किशोर और एक 70 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल हैं। पुलिस ने इसे हाल के महीनों में इस रूट पर हुआ सबसे गंभीर हादसा बताया है।

कैसे हुआ हादसा?

प्राथमिक जांच के अनुसार, कार दिल्ली से मुंबई की ओर जा रही थी और रतलाम जिले के रावटी थाना क्षेत्र के भिमपुरा–भेटिया गांव के पास माही नदी पुल के निकट वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। यह कार महाराष्ट्र पंजीयन नंबर MH 03 EL 1388 की थी। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार में चलते हुए कार का संतुलन बिगड़ा और वहीं सड़क के किनारे बनी सुरक्षा रेलिंग को तोड़ते हुए वह सीधे गहरी खाई में जा गिरी।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसा इतनी तेज आवाज के साथ हुआ कि आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। जब लोग नीचे पहुंचे तो कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी और उसमें सवार कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं मिला। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी।

पांचों की मौत, पहचान जारी

कार में मौजूद सभी पांच लोगों की मौत मौके पर ही हो गई। मरने वालों में एक नाबालिग और मुंबई–गुजरात से संबंध रखने वाले लोग बताए जा रहे हैं। पुलिस ने शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। मृतकों की पूरी पहचान और उनके परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया जारी है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि,
“गाड़ी इतनी तेज रफ्तार में थी कि ब्रेक के निशान भी नहीं मिले। यह साफ है कि या तो ड्राइवर को अचानक झपकी आई या सामने कुछ आने पर वह समय रहते नियंत्रण नहीं कर पाया।”

एक्सप्रेसवे पर हादसों में बढ़ोतरी

दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे देश के सबसे आधुनिक और हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे में गिना जाता है, लेकिन तेज रफ्तार के कारण यहां लगातार हादसों की खबरें आती रहती हैं। बीते कुछ महीनों में कई स्थानों पर ड्राइवरों के तेज स्पीड में नियंत्रण खोने की वजह से दुर्घटनाएं हुई हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार नए हाई-स्पीड रूट्स पर सबसे बड़ी चुनौती ड्राइविंग अनुशासन और स्पीड-कंट्रोल ही रहती है। पड़ावों के बीच लम्बी दूरी होने से कई ड्राइवर थकान या नींद में वाहन चलाने लगते हैं, जिससे इस प्रकार के गंभीर हादसे होते हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी टीमों ने बताया—हालात बेहद भयावह थे

एंबुलेंस और रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर कुछ ही मिनटों में पहुंच गईं। पहाड़ी जैसे क्षेत्र में खाई में गिरी कार तक पहुंचना आसान नहीं था, इसलिए पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर राहत कार्य चलाया।

एक रेस्क्यू कर्मी ने बताया कि,
“गाड़ी इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी कि शव निकालने में हमें कटर मशीनों का इस्तेमाल करना पड़ा। यह हाल ही में देखे गए सबसे भीषण हादसों में से एक था।”

सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल

इस घटना के बाद एक्सप्रेसवे की सुरक्षा-रेलिंग और स्पीड-मॉनिटरिंग सिस्टम पर भी सवाल उठने लगे हैं। कई यात्रियों का कहना है कि तेज रफ्तार पर रोक के लिए कैमरा लगने के बावजूद निगरानी उतनी सख्त नहीं है। खाई वाले इलाकों में बैरियर और मजबूत किए जा सकते थे।

स्थानीय प्रशासन ने एक्सप्रेसवे अथॉरिटी को रिपोर्ट भेजकर रेलिंग की मजबूती, साइन बोर्ड और स्पीड चेक सिस्टम की समीक्षा करने को कहा है।

परिजनों में मातम, इलाके में शोक

मृतकों की पहचान का काम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, उनके परिवारों को भी सूचना दी जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मृतकों के परिजन मुंबई और गुजरात से रतलाम पहुंच रहे हैं। हादसे की खबर से उनके गृह इलाकों में शोक फैल गया है।

स्थानीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर पीड़ितों के परिवारों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की।

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