Ayodhya Ram Mandir पर फहराई धर्मध्वजा, Modi भावुक हुए: बोले– अब मानसिक गुलामी से मुक्ति का लक्ष्य

अयोध्या |

Ayodhya में बुधवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब भव्य Ram Mandir परिसर में पहली बार धर्मध्वजा फहराई गई। पूरे क्षेत्र में शंख-घंटियों की ध्वनि, मंत्रोच्चार और उत्सव जैसा माहौल नजर आया। हजारों श्रद्धालु इस क्षण के साक्षी बने।

प्रधानमंत्री Narendra Modi, जो इस आयोजन से वीडियो संदेश के माध्यम से जुड़े थे, भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक ध्वजा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पुनर्जागरण की पहचान है।
PM ने कहा— “सदियों की प्रतीक्षा के बाद हम वह कालखंड जी रहे हैं जब मानसिक, सांस्कृतिक और वैचारिक गुलामी से मुक्ति लेना हमारा लक्ष्य है। जिस विचारधारा ने कभी भगवान राम को काल्पनिक कहा… आज वही विचारधारा हमारी संस्कृति की ताकत के सामने नतमस्तक है।”

मोदी ने कहा कि धर्मध्वजा का फहराया जाना सिर्फ धार्मिक घटना नहीं, बल्कि राष्ट्र के आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह ध्वजा रामभक्तों के लिए ऊर्जा का केंद्र बनेगी और विश्व को भारत की आस्था की शक्ति का संदेश देगी।

Ayodhya में उत्सव जैसा माहौल

  • मंदिर परिसर में सुबह से ही भजन-कीर्तन और विशेष पूजा आयोजित हुई।
  • संत समुदाय, रामायण न्यायपीठ और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़े स्तर पर शामिल हुए।
  • ध्वज फहराते समय वैदिक मंत्रों और डमरू के साथ अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण बना।

स्थानीय लोगों ने कहा कि धर्मध्वजा फहराने के साथ ऐसा लगा जैसे Ram Mandir के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का दूसरा अध्याय पूरा हुआ। दुकानें, घाट और गलियां भगवा रोशनी से जगमगा उठीं।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज

PM के बयान— राम को काल्पनिक कहने वाली सोच पर करारा प्रहार— के बाद विपक्ष और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। आलोचकों का कहना है कि PM धार्मिक भावनाओं का राजनीतिकरण कर रहे हैं, जबकि समर्थकों ने इसे सांस्कृतिक न्याय बताया।

हालांकि, अधिकांश धार्मिक संगठनों ने इसे “आस्था की विजय” बताया और कहा कि Ram Mandir में धर्मध्वजा फहराना एक सांस्कृतिक मिल का पत्थर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *