नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया संबोधन में देश को अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों के बारे में जानकारी दी है, जो 22 सितंबर 2025 से लागू हो रहे हैं। इस नई योजना के तहत जीएसटी की दरों को दो मुख्य स्लैब्स में सीमित किया जाएगा – 5% और 18%, जिससे रोजमर्रा की उपयोग की वस्तुएं और सेवा अधिक किफायती हो जायेंगी।
पीएम मोदी ने इसे एक ‘जीएसटी बचत उत्सव’ बताया है, जो देश के गरीब, मध्यम वर्ग, नए मध्यम वर्ग, युवाओं, किसानों, महिलाओं, दुकानदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद साबित होगा। इस उत्सव के माध्यम से हर घर में खुशहाली और मिठास बढ़ाने की उम्मीद जताई गई है। नया कर ढांचा व्यापार करने में सरलता लाएगा, निवेश को आकर्षक बनाएगा और देश के सभी राज्य विकास की दौड़ में बराबर भागीदार बनेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब 99% वस्तुएं जो पहले 12% टैक्स स्लैब के अंतर्गत आती थीं, उन्हें 5% की दर में लाया गया है। खाद्य पदार्थ, दवाएं, साबुन, टूथब्रश, टूथपेस्ट, स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा योजनाएं टैक्स-मुक्त या कम टैक्स वाले वर्ग में शामिल हैं। इससे आम जनता की जेब पर कर का बोझ कम होगा और खरीददारी सस्ती हो जाएगी।
मोदी ने यह भी बताया कि पिछले 11 वर्ष में 25 करोड़ भारतीय गरीबी से ऊपर आए हैं और एक नया मध्यम वर्ग विकसित हुआ है। इस वर्ग के लिए यह जीएसटी सुधार और आयकर में छूट एक दोहरी खुशखबरी है। अब इस वर्ग को कर में राहत मिलते हुए अपने सपनों को साकार करना आसान होगा, चाहे वह मकान बनवाना हो, नया वाहन खरीदना हो या यात्रा करना हो।
दुकानदारों की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने भी जीएसटी सुधार को और बल दिया है क्योंकि वे इस कम कर की बचत को ग्राहकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। कई स्थानों पर अब दुकानों में नए और पुराने दामों की तुलना के लिए पट्टिकाएं लगना शुरू हो गई हैं, जो पारदर्शिता को बढ़ाएगी।
मार्केट विशेषज्ञ मानते हैं कि इस सुधार से न केवल आम जनता के खर्चों में कमी आएगी, बल्कि देश की आर्थिक वृद्धि में भी तेजी आएगी। साथ ही, देश का “मेक इन इंडिया” अभियान नई उड़ान भरेगा क्योंकि उत्पादन और उपभोग दोनों को प्रोत्साहन मिलेगा।
ये सुधार 56वें जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद स्वीकृत हुए हैं, जिसमें केंद्र और सभी राज्यों ने एकमत होकर इसे लागू करने का निर्णय लिया। इसमें 40% का विशेष ‘पाप टैक्स’ भी शामिल है जो महंगी और हानिकारक वस्तुओं पर लगाया जाएगा।
अंत में, प्रधानमंत्री मोदी ने यह कहा कि जनहित में ये सुधार ‘नागरिक देवो भवः’ के सिद्धांत को मजबूत करेंगे और देश में कर प्रणाली को और सरल व न्यायसंगत बनाएंगे।
यह जीएसटी बचत उत्सव एक ऐसा अवसर है जो हर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर देश के विकास को नई गति देगा।
