Vastu Tips : एक कहावत जगजाहिर है कि स्वस्थ दिमाग का निवास हमेशा स्वस्थ शरीर में ही होता है। अगर आप इसके लिए अपनी जीवन शैली में सुधार लाने के साथ-साथ वास्तुशास्त्र के कुछ नियमों का भी खयाल रखेंगे तो यकिन मानिये आपके परिवार में स्वास्थ्यप्रद वातावरण का निवास होगा। तो चलिए जानते है उन 13 वास्तु टिप्स के बारे में।
रसोईघर (किचन) में अपने चुल्हे या गैस चुल्हे को इस प्रकार रखें कि खाना बनाते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर रहे। यदि गृहिणी का मुख खाना बनाते समय उत्तर दिशा रहता है तो वह सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस एवं थायरॉइड से प्रभावित हो सकती है।
1. क्या करें, क्या न करें (Vastu tips for Negative Energy)
घर के बाहर रोशनी का इंतजाम जरूर करें। भले ही बल्ब या ट्यूबलाइट लगाएं, पर अंधेरा होते ही उसे जला कर रखें। अक्सर हम सभी घर के बाहर नेमप्लेट लगाते हैं और उसे लगा कर भूल जाते हैं। ऐसी गलती न करें। वास्तु के अनुसार नेमप्लेट जितनी साफ और चमकदार होगी नकारात्मक ऊर्जा आपके घर से उतनी ही दूर रहेगी। अगर आपके घर के बाहर भी शू रैग, साइकिल, स्कूटर, कार वगैरह रखे या पार्क होते हैं, तो कोशिश करें कि ये मेन डोर से हट कर हों।
2. मुख्य द्वार के वास्तु दोष (Vastu tips for Negative Energy)
- वास्तु के अनुसार घर के मुख्य द्वार के सामने किसी दीवार, पेड या किसी भी तरह की छाया नहीं होनी चाहिए।
- कई बार सब कुछ ठीक होने के बावजूद वास्तु दोष के कारण परेशानियां सामने आती हैं। इसी तरह मुख्य द्वार अगर घर के बीचों-बीच होता है तो कलह का संकेत है।
- कई बार हम सजावाट के लिए घर के बाहर या मुख्य द्वार पर किसी तरह की बेल-पौधे लगा लेते हैं, जोकि वास्तु के अनुसार ठीक नहीं है।
- वास्तु के हिसाब से घर का मेन डोर खोलते ही सामने सीढ़ी नहीं होनी चाहिए। इस बात का भी ध्यान रखें कि मेन डोर हमेशा अंदर की तरफ खुलने वाला होना चाहिए।
3. वास्तु के सरल उपाय (Vastu tips for Negative Energy)
- याद हो तो पुराने जमाने में घर के मुख्य द्वार को झालरों से सजाया जाता था। यह घर की खूबसूरती के साथ ही वास्तु के हिसाब से भी अच्छा है। ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती।
- मेन डोर के बाहरी ओर दीवार पर पाकुआ दर्पण स्थापित करें।
- आप चाहें तो नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए विंड बेल्स लगाएं।
- मुख्य द्वार पर क्रिस्टल बॉल लटकाएं। इसके अलावा आप मेन डोर पर लाल रंग का फीता बांधने से भी घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती।
- घर का मुख्य द्वार खोलते ही सीढ़ी नहीं होनी चाहिए, अगर ऐसा है, तो फिर उन पर पर्दा डाल कर नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जा सकता है।

गृह- वास्तु टिप्स (Home Vastu Tips)
पूर्व दिशा (Home Vastu Tips)
इस दिशा पर सूर्य का अधिकार है। अगर घर के इस दिशा में कचरा या कबाड़ जमा रहता है तो परिवार के मुखिया की घर में ही नहीं चलेगी। इसके अलावा सरकार, राज्य एवं प्रभुसत्ता से संबंधित मामलों में नुकसान होने की आशंका हमेशा बनी रहेगी। सूखे कचरे के अलावा अगर इस क्षेत्र में गंदा पानी जमा हो रहा हो, सीलन भरी गंदगी हो तो परिवार के पुरुष सदस्य पीडि़त रहते हैं।
उत्तरी पूर्वी कोना (Home Vastu Tips)
इस कोने पर बृहस्पति का अधिकार है। वास्तु के अनुसार इस कोने में घर का मंदिर होना चाहिए। अगर इस कोण में गंदगी, कचरा या कबाड़ जमा रहता है और यह घर के अन्य कोनों से अधिक भारी है तो ऐसे घर में रहने वाले अधिकांश सदस्य सुस्त होंगे। घर में आलस्य पसरा रहेगा। बात-बात में झगड़े होंगे। घर के किसी दूसरे हिस्से की तुलना में यह अधिक साफ सुथरा और सुगंधित कोना होना चाहिए। इस क्षेत्र में संग्रह का सामान को कदापि नहीं रखें। अगर रखा है तो उसे दक्षिण पश्चिम के कोने में स्थानान्तरित कर दें। यहां आमतौर पर ऊर्जा का अधिक स्तर होता है, ऐसे में यहां बच्चों का कमरा बनाया जा सकता है।
उत्तरी दिशा (Home Vastu Tips)
इस दिशा पर बुध का अधिकार है। यह क्षेत्र घर का रचनात्मक क्षेत्र है। इस दिशा में कचरा या कबाड़ होने पर सदस्यों में रचनात्मकता का अभाव देखा गया है। जो लोग सलाहकार व्यवसाय में हैं, हाथ से काम करने वाले हैं अथवा बैंकिंग अथवा वित्तीय क्षेत्रों से जुड़े हैं, उन्हें इस बात का विशेष तौर पर ख्याल रखना चाहिए कि उनके घर के उत्तरी क्षेत्र में कम से कम सामान हो। यहां पुस्तकें अथवा अपने कार्य से संबंधित औजार रखे जा सकते हैं।
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उत्तरी पश्चिमी कोना (Home Vastu Tips)
इस कोने पर चंद्रमा का अधिकार है। हालांकि इस कोने को अपेक्षाकृत भारी रखा जा सकता है, लेकिन यहां द्रव भाग की बहुलता होनी आवश्यक है। ऐसे में किसी अन्य ठोस कबाड़ के बजाय ऐसी वस्तुएं जो द्रव अवस्था में हो यहां संग्रह की जा सकती है। इसके अलावा इस क्षेत्र में पेयजल का संग्रह भी किया जा सकता है। ऐसे पौधे रखे जा सकते हैं जिनमें नियमित रूप से पानी डालने की जरूरत हो।

पश्चिमी दिशा (Home Vastu Tips)
इस क्षेत्र पर शनि का अधिकार है। शनि से संबंधित वस्तुएं जैसे लोहा, जंग खाया सामान, तीखे और नुकीले पदार्थ, गैस सिलेण्डर, मशीनों जैसे सामान यहां रखे जा सकते हैं। इस क्षेत्र में भी कचरा नहीं होना चाहिए। शनि न्यायप्रिय ग्रह है। यह अव्यवस्था को अनिर्णय की स्थिति को पसंद नहीं करता। ऐसे में जिस कबाड़ के बारे में आपकी स्पष्ट राय नहीं हो कि उसे रख लेना चाहिए या फेंक देना चाहिए, उसे इस क्षेत्र में नहीं रखना चाहिए।
दक्षिणी पश्चिमी कोना (Home Vastu Tips)
यह घर का संग्रह का स्थान है। पूर्व मुखी घरों में तो इसे उपेक्षित ही छोड़ दिया जाता है। क्योंकि यह घर के सबसे पिछले हिस्से में आता है। वास्तव में इस क्षेत्र पर राहू का स्थान होने के कारण यहां सर्वाधिक सावधानी रखे जाने की जरूरत है। इस क्षेत्र में उस सामान को रखा जाता है, जो कीमती हो, सबसे भारी हो और लंबे समय तक जिस सामान को सुरक्षित रखना हो।
इस क्षेत्र को अपेक्षाकृत सूखा और अंधेरेवाला रखना फायदेमंद रहता है। ऐसे में यहां द्रव और सीलन किसी भी सूरत में नहीं होने चाहिए। यहां गंदगी और कचरा होने पर राहू अपने खराब प्रभाव देना शुरू कर देता है और परिवार के सदस्?य ऐसी समस्याओं से रूबरू होते हैं जो वास्?तविक होने के बजाय मानसिक अधिक होती हैं।
दक्षिणी दिशा (Home Vastu Tips)
यह मंगल का स्थान है। इस क्षेत्र की ऊर्जा दाह प्रकार की होती है। यहां ऐसे सामान को रखा जाना चाहिए जो अपेक्षाकृत कम काम में आता हो, लेकिन जरूरी हो। अगर इस क्षेत्र में कचरा हो या नमी हो या गंदा पानी हो तो परिवार के सदस्यों में साहस का अभाव देखा जाता है। इलेक्ट्रिक उपकरण, टीवी, फ्रिज, कम्प्यूटर और ऐसे ही नियमित ऊर्जा उत्सर्जित करने वाले उपकरण इस क्षेत्र में रखे जाने चाहिए।
यहां स्टोर बनाएं तो ऐसे ही सामान उसमें रखे जाने चाहिए। पानी तो कदापि नहीं होना चाहिए। कई घरों में यहां सीढिय़ां बनाई गई होती हैं और उन सीढिय़ों के नीचे बंद स्थान बनाकर कचरा भर दिया जाता है। यह परिवार की संपत्ति और सदस्यों के तेज दोनों के लिए हानिकारक है।
दक्षिणी पूर्वी कोना (Home Vastu Tips)
यह शुक्र का स्थान है। यह घर का सबसे समृद्ध दिखाई देने वाला स्थान होना चाहिए। यहां पड़ा कचरा अथवा कबाड़ आपकी समृद्धि को घटाता है। यहां पर फूलों वाले पौधे, मनीप्लांट लगाने चाहिए। रसोई इस क्षेत्र में होनी चाहिए। अगर किसी कारण से यहां कमरा बनाना पड़ जाए तो कमरा अच्छी तरह सजा हुआ और सुंदर दिखाई देना चाहिए।
